पं. कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती पर याद किए गए योगदान
चंदौली। पंडित कमलापति त्रिपाठी स्मृति सेवा संस्थान की ओर से गुरुवार को पं. कमलापति त्रिपाठी पार्क में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रेल मंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में उनके प्रपौत्र एवं पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के संयोजक धर्मेंद्र तिवारी ने किया।
चंदौली

3:13 PM, Sep 3, 2026
चंदौली। पंडित कमलापति त्रिपाठी स्मृति सेवा संस्थान की ओर से गुरुवार को पं. कमलापति त्रिपाठी पार्क में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रेल मंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में उनके प्रपौत्र एवं पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के संयोजक धर्मेंद्र तिवारी ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ललितेशपति त्रिपाठी ने कहा कि पं. कमलापति त्रिपाठी ने चंदौली, वाराणसी और पूरे पूर्वांचल के विकास को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सिंचाई, कृषि, रेलवे, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से जोड़ा। उन्होंने कहा कि चंदौली को धान का कटोरा बनाने में सिंचाई व्यवस्था के विस्तार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों से नहरों, बांधों और पंप कैनाल जैसी सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को गति मिली, जिससे कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिली और किसानों की कृषि व्यवस्था मजबूत हुई।
उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का उद्देश्य केवल नहरों का निर्माण नहीं था, बल्कि किसानों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी था। सिंचाई बढ़ने से खेती का रकबा और उत्पादन बढ़ा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि पं. कमलापति त्रिपाठी के विकास मॉडल में शिक्षा और स्वास्थ्य को भी प्रमुख स्थान मिला। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के विकास में रेलवे को मजबूत करने की उनकी सोच भी महत्वपूर्ण रही। रेलवे के विस्तार तथा मुगलसराय रेलवे क्षेत्र और डीरेका के आधुनिकीकरण की दिशा में उनके प्रयासों का उल्लेख किया जाता है। रेलवे के विकास से चंदौली, वाराणसी और पूर्वांचल में व्यापार एवं आवागमन को मजबूती मिली।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के अध्यक्ष डॉ. नारायण मूर्ति ओझा ने कहा कि पं. कमलापति त्रिपाठी का विकास मॉडल समग्र सोच पर आधारित था। रेलवे और सड़क के माध्यम से बाजारों को जोड़ना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और पूर्वांचल के समग्र विकास को उन्होंने प्राथमिकता दी।
वक्ताओं ने कहा कि पं. कमलापति त्रिपाठी को चंदौली में आज भी केवल पूर्व मुख्यमंत्री या कांग्रेस नेता के रूप में नहीं, बल्कि विकास पुरुष के रूप में याद किया जाता है। सिंचाई और नहरों की चर्चा होने पर आज भी उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से अतिथियों, नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का स्वागत किया गया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, मुगलसराय शहर अध्यक्ष बृजेश गुप्ता, देवेंद्र प्रताप सिंह, आनंद शुक्ला, सतीश बिंद, रामजी गुप्ता, राम आधार जोसेफ, श्रीराम यादव, प्रदीप मिश्रा, राहुल सिंह, विजय तिवारी, नेहाल अख्तर बाबू, रजनीकांत पांडेय, प्रताप नारायण पांडेय, मधु राय, दुर्गा दत्त, दिनेश चंद्र त्रिपाठी, शशिनाथ उपाध्याय, गंगा प्रसाद, श्रीकांत पाठक, शमशेर अली, राधेश्याम यदुवंशी, राकेश सिंह, विवेक सिंह, सत्येंद्र उपाध्याय, हर्ष तिवारी, दशरथ चौहान सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
