सीएम डैशबोर्ड योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सड़क निर्माण, पेंशन योजनाएं, फैमिली आईडी, ऑपरेशन कायाकल्प, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन तथा उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पेंशन से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित न रहे तथा फैमिली आईडी और आयुष्मान कार्ड के कार्यों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए।
चंदौली

6:17 PM, May 18, 2026
जनता की शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर, डिफॉल्टर मामलों में कार्रवाई की चेतावनी
चंदौली। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड के अंतर्गत संचालित विकास योजनाओं एवं निर्माण परियोजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सड़क निर्माण, पेंशन योजनाएं, फैमिली आईडी, ऑपरेशन कायाकल्प, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन तथा उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पेंशन से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित न रहे तथा फैमिली आईडी और आयुष्मान कार्ड के कार्यों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें शीघ्र हैंडओवर कराने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार हो सके।
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जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर अंकित सभी योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति नियमित रूप से अपडेट की जाए तथा जिन योजनाओं की प्रगति धीमी है, उनमें तेजी लाई जाए।
आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपद स्तरीय अधिकारी कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता की शिकायतें सुनें और उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का नियमित रूप से रजिस्टर में अवलोकन किया जाए और किसी भी स्थिति में मामले डिफॉल्टर न होने पाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ता से वार्ता कर उसका फीडबैक भी रजिस्टर में दर्ज किया जाए।
