6 माह से बंद मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, 200 लाभार्थी इंतजार में
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना पिछले लगभग छह माह से बंद होने के कारण क्षेत्र के करीब 200 पात्र लाभार्थी परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विवाह योग्य बेटियों के परिजन योजना शुरू होने का इंतजार करते-करते अब अपने स्तर से शादी कराने को विवश हो रहे हैं।
शहाबगंज, चंदौली

5:15 PM, Jun 16, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सबेटियों के हाथ पीले करने को विवश गरीब परिवार, शासन के निर्देश का इंतजार
शहाबगंज/चंदौली। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना पिछले लगभग छह माह से बंद होने के कारण क्षेत्र के करीब 200 पात्र लाभार्थी परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विवाह योग्य बेटियों के परिजन योजना शुरू होने का इंतजार करते-करते अब अपने स्तर से शादी कराने को विवश हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है। योजना के अंतर्गत प्रति लाभार्थी एक लाख रुपये का लाभ दिया जाता है। इसमें कन्या के बैंक खाते में 60 हजार रुपये सीधे हस्तांतरित किए जाते हैं, जबकि शेष 40 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन, खान-पान तथा आवश्यक वैवाहिक सामग्री पर खर्च किए जाते हैं।
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क्षेत्र के कई परिवारों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था और सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। लेकिन लंबे समय से कार्यक्रम आयोजित न होने के कारण अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का कहना है कि वे सरकारी सहायता मिलने की उम्मीद में विवाह टालते रहे, लेकिन अब सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए स्वयं ही विवाह कराने का निर्णय लेना पड़ रहा है।
लाभार्थियों का कहना है कि यदि शीघ्र ही सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित कराया जाए तो गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। योजना बंद रहने से सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ा है जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और जो सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।
इस संबंध में समाज कल्याण अधिकारी मनोज टाइगर ने बताया कि शासन स्तर से अभी तक कोई नया दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। शासन से आदेश मिलते ही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित कर पात्र लाभार्थियों का विवाह संपन्न कराया जाएगा।
