पांच दिवसीय बैंक व न्यायसंगत पीएलआई सहित अन्य मांगों के समर्थन में बैंक कर्मियों ने किया हड़ताल
दीनदयालनगर (चंदौली) । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर नगर सहित जिले के सभी बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों ने बैंक का कार्यकाल सप्ताह में 5 दिन का किये जाने, न्यायसंगत भेदभाव रहित पीएलआई तथा पेंशन समाधान सहित अन्य मांगों के समर्थन में आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल रहे। इस दौरान बैंक कर्मियों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
डीडीयू नगर, चंदौली

12:28 PM, Sep 11, 2026
सरकार के खिलाफ ताली बजाकर की जमकर नारेबाजी
दीनदयालनगर (चंदौली) । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर नगर सहित जिले के सभी बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों ने बैंक का कार्यकाल सप्ताह में 5 दिन का किये जाने, न्यायसंगत भेदभाव रहित पीएलआई तथा पेंशन समाधान सहित अन्य मांगों के समर्थन में आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल रहे। इस दौरान बैंक कर्मियों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
इसी क्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन वाराणसी अंचल के उपमहामंत्री कॉमरेड मनोज सिंह के निर्देशन पर पंडित दीनदयाल नगर रेलवे स्टेशन स्थित एस.बी.आई. शाखा के समक्ष हड़ताल का संचालन क्षेत्रीय सचिव कॉमरेड पंकज राय एवं अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में हुआ। जिसमें विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारियों ने उपस्थित रहकर अपनी एकता एवं संघर्षशीलता का परिचय दिया।
इस दौरान क्षेत्रीय सचिव कॉमरेड पंकज राय ने कहा कि बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, पीएलआई के मामले में भेदभाव समाप्त कर सभी बैंक कर्मियों के लिए न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर लंबे समय से वार्ता एवं संवाद के माध्यम से समाधान का प्रयास किया जाता रहा है। बावजूद इसके अभी तक कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।
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उन्होंने कहा कि आज बैंक कर्मचारी सीमित स्टाफ के बावजूद बढ़ते व्यवसाय, ग्राहक सेवा, डिजिटल बैंकिंग, अनुपालन, ऑडिट तथा विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद बैंक कर्मियों की वर्षों पुरानी एवं न्यायोचित मांगों की लगातार उपेक्षा किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हड़ताली कर्मियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों पर न्यायपूर्ण एवं सम्मानजनक समाधान प्राप्त करने के लिए है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आज की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल में कर्मियों की एकता, अधिकारों एवं सम्मान के लिए उनके दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया है। कहा कि यदि इसके बाद भी हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो इसी माह 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन का हड़ताल किया जायेगा। उस पर सरकार की कान में जूं नहीं रेंगा तो फिर अक्टूबर माह की 26 तारीख से अनिश्चित कालीन हड़ताल किया जायेगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने ताली बजाकर केंद्र सरकार सहित वित्त मंत्री तथा गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी। इस दौरान पंकज राय, दिनेश कुमार यदाव, बलराम यदाव, नूर मोहम्मद, उमेश राय, अंकिता जोशी, अनिशा रंजन, मनमोहन सिंह, सर्वजीत मिश्रा रमेश यादव सहित दर्जनों बैंककर्मी शामिल रहे।
★क्या है पीएलआई है और उसमें विसंगति के बाबत क्या कहा हड़ताल कर्मियों ने ?
पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) अर्थात उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन के बाबत हड़ताल कर्मियों ने बताया कि पीएलआई का हमलोगों कस दो साल पुराना मांग है। जिसमे पहले ही सभी के लिए 15 दिन के पीएलआई के लिए समझौता हो चुका था। जिसे भारत सरकार ने बिना उक्त समझौता के ही लागू कर दिया है। जिसमें स्केल -3 या उससे नीचे के ढाई लाख में से लगभग 95 प्रतिषत कर्मचारी हैं उन्हें मात्र 15 दिन वेतन के बराबर पीएलआई मिलता है जबकि स्केल 4 और उससे उपर के अधिकारी जिसमें मैनेजर, चीफ मैनेजर सहित उससे ऊपर के अधिकारी हैं जो ऐसी में बैठकर कुर्सी तोड़ते हैं उन्हें केंद्र सरकार ने फूट डालो और शासन करो की नीति के तहत 365 दिन के वेतन के बराबर अलग से पीएलआई दे दिया जो गलत है। वे लोग वेतन के बावजूद प्रत्येक अलग से एक वर्ष का वेतन ले रहे हैं। ऐसे में सरकार ने हमलोगों के साथ जो मेहनत करके सरकार को लाभ पहुंचाते हैं धोखा दिया है।
