आवश्यक दवाओं की कमी से जूझ रहे शहाबगंज व बसाढ़ी गांव में आयुर्वेदिक चिकित्सालय
शहाबगंज। क्षेत्र के आयुर्वेदिक चिकित्सालय शहाबगंज एवं बसाढ़ी इन दिनों आवश्यक दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि पिछले लगभग एक वर्ष से नियमित रूप से दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके कारण चिकित्सालयों का संचालन किसी तरह किया जा रहा है। मरीजों को पर्ची तो मिल रही है, लेकिन दवाएं बाहर से खरीदने की सलाह दी जा रही है, जिससे गरीब और ग्रामीण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
शहाबगंज, चंदौली

5:11 PM, Feb 11, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सपर्याप्त दवा न मिलने से मरीज होते है परेशान
शहाबगंज। क्षेत्र के आयुर्वेदिक चिकित्सालय शहाबगंज एवं बसाढ़ी इन दिनों आवश्यक दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि पिछले लगभग एक वर्ष से नियमित रूप से दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके कारण चिकित्सालयों का संचालन किसी तरह किया जा रहा है। मरीजों को पर्ची तो मिल रही है, लेकिन दवाएं बाहर से खरीदने की सलाह दी जा रही है, जिससे गरीब और ग्रामीण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि शासन द्वारा निर्देश है कि सभी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर 51 प्रकार की जड़ी बूटी से युक्त दवाएं उपलब्ध हो जिनमें मुख्य रूप से अभयारिष्ट, अमृतारिष्ट,अणु तैल, अशोकारिष्ट,आयुष क्वाथ,हिंग्ववंष्टक, दशमूलारिष्ट,सितोपलादी चुर्ण, त्रिफला जैसे महत्वपूर्ण दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए। लेकिन आयुष मंत्रालय की सभी बातें हवा हवाई साबित हो रही है।
स्थानीय निवासी अरविन्द ने बताया कि आयुर्वेदिक दवाओं के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं, लेकिन दवा न मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। मनोज का कहना है कि सरकार ने सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों का नाम बदलकर ‘आरोग्य मंदिर’ तो कर दिया, लेकिन सुविधाओं में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। वहीं रामभरोश ने कहा कि नाम बदलने से नहीं, बल्कि दवा और संसाधनों की उपलब्धता से व्यवस्था सुधरेगी। अगर समय से दवाएं मिलें तो मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
Advertisement
ग्रामीणों का कहना है कि आयुर्वेदिक उपचार सस्ता और प्रभावी होने के कारण लोग इस पर अधिक भरोसा करते हैं, लेकिन दवा उपलब्ध न होने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चिकित्सालयों में चिकित्सक तो तैनात हैं, परंतु पर्याप्त दवाओं के अभाव में इलाज प्रभावित हो रहा है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मोनिका मोहनानी ने बताया कि दवाओं की आपूर्ति उच्च स्तर से की जाती है। पिछले कुछ समय से आवश्यक दवाएं नियमित रूप से नहीं मिल पा रही हैं, जिसकी जानकारी विभाग को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध सीमित संसाधनों के साथ मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही दवाओं की आपूर्ति होगी, व्यवस्था में सुधार आ जाएगा।
