शहाबगंज के धन्नीपुर गांव में बनी खगोलीय विज्ञान प्रयोगशाला, विद्यार्थियों को मिलेगी अंतरिक्ष की जानकारी
शहाबगंज, चंदौली। विकासखंड शहाबगंज के ग्राम पंचायत खास के धन्नीपुर में स्थापित खगोलीय विज्ञान प्रयोगशाला विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की पढ़ाई को रोचक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रयोगशाला के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अंतरिक्ष, सौरमंडल, ग्रहों, उपग्रहों और वैज्ञानिक घटनाओं की जानकारी मॉडल एवं चित्रों के जरिए प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
शहाबगंज, चंदौली

5:02 PM, Oct 17, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्स
एस्ट्रोनॉमी लैब में ग्रहों, उपग्रहों और मानव शरीर से जुड़ी जानकारियों को मॉडल के माध्यम से समझ सकेंगे छात्र
शहाबगंज, चंदौली। विकासखंड शहाबगंज के ग्राम पंचायत खास के धन्नीपुर में स्थापित खगोलीय विज्ञान प्रयोगशाला विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की पढ़ाई को रोचक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रयोगशाला के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अंतरिक्ष, सौरमंडल, ग्रहों, उपग्रहों और वैज्ञानिक घटनाओं की जानकारी मॉडल एवं चित्रों के जरिए प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
प्रयोगशाला की दीवारों को अंतरिक्ष की आकर्षक तस्वीरों से सजाया गया है। यहां सूर्य, बुध, बृहस्पति, शनि सहित विभिन्न ग्रहों से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई है। इसके साथ ही सौरमंडल की संरचना, ग्रहों की स्थिति और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को चित्रों के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया है। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने में मदद मिलेगी।
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एस्ट्रोनॉमी लैब में केवल अंतरिक्ष विज्ञान ही नहीं, बल्कि मानव शरीर की संरचना और विभिन्न अंगों से संबंधित शैक्षणिक मॉडल भी रखे गए हैं। पाचन तंत्र, आंखों की संरचना, मस्तिष्क तथा कंकाल के मॉडल के माध्यम से छात्र शरीर विज्ञान की बुनियादी जानकारी हासिल कर सकते हैं। इससे पुस्तकों में पढ़े गए विषयों को प्रत्यक्ष रूप से समझने में सहूलियत होगी।
विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए यह प्रयोगशाला विज्ञान के विभिन्न विषयों को करीब से जानने का माध्यम बन सकती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक वैज्ञानिक अवधारणाओं से परिचित कराने में इसकी भूमिका अहम होगी। प्रयोगात्मक गतिविधियों से बच्चों में सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
ग्राम पंचायत स्तर पर इस प्रकार की शैक्षणिक सुविधा ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कदम है। वही प्रधानाध्यापक चंचल सिंह मौर्य ने बताया कि प्रयोगशाला का नियमित उपयोग शिक्षकों के मार्गदर्शन में किया जाए, तो यह बच्चों की विज्ञान संबंधी समझ को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकती है।
