अवही में APEDA का क्षमता निर्माण कार्यक्रम, किसानों को कृषि निर्यात के अवसरों की दी जानकारी
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकास खंड धनापुर के ग्राम अवही में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा कृषि उद्यमियों को कृषि उत्पादों के निर्यात, गुणवत्ता मानकों और वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के प्रति
chandauli

5:03 PM, Jun 3, 2026
धानापुर, चंदौली। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकास खंड धनापुर के ग्राम अवही में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा कृषि उद्यमियों को कृषि उत्पादों के निर्यात, गुणवत्ता मानकों और वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI), कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), राज्य कृषि विपणन संस्थान (SAMI), कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार निदेशालय उत्तर प्रदेश सरकार, जिला उद्यान विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हुए। बड़ी संख्या में किसानों, एफपीओ प्रतिनिधियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने सहभागिता की।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को कृषि निर्यात के लिए आवश्यक गुणवत्ता मानकों, ट्रेसबिलिटी, पैकेजिंग, अवशेष प्रबंधन, प्रमाणन प्रक्रियाओं तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही APEDA की योजनाओं एवं निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रयासों से भी अवगत कराया।
APEDA के प्रतिनिधि एवं एसोसिएट शुभम राय ने कहा कि पूर्वांचल क्षेत्र में कृषि निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि किसानों, एफपीओ और कृषि उद्यमियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के चावल, फल, सब्जियां एवं अन्य कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली के प्रमुख डॉ. रघुवंशी ने कहा कि चंदौली के किसान गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन के लिए जाने जाते हैं। यदि उन्हें निर्यात मानकों और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का नियमित प्रशिक्षण मिले तो यह क्षेत्र कृषि निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।
वहीं शिवनंदनम फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक रमेश सिंह ने कहा कि एफपीओ छोटे और सीमांत किसानों को संगठित कर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, सामूहिक विपणन और निर्यात मानकों के अनुरूप कृषि पद्धतियों को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि APEDA द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम किसानों को वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं को समझने और निर्यात के नए अवसरों का लाभ उठाने में मददगार साबित होंगे।
