एल्युमिनियम फॉस्फाइड आम जनता को न बेचा जाए: जिला कृषि अधिकारी की सख्त चेतावनी
चंदौली। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने एल्युमिनियम फॉस्फाइड (ALP) के बिक्री एवं उपयोग को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया कि एल्युमिनियम फॉस्फाइड एक पंजीकृत लेकिन प्रतिबंधित श्रेणी का अत्यंत विषैला कीटनाशक है, जिसकी बिक्री और उपयोग सार्वजनिक जोखिम को देखते हुए विशेष कानूनी शर्तों के अधीन है।
चंदौली

जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव
5:44 PM, Feb 2, 2026
प्रतिबंधित कीटनाशक के नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
चंदौली। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने एल्युमिनियम फॉस्फाइड (ALP) के बिक्री एवं उपयोग को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया कि एल्युमिनियम फॉस्फाइड एक पंजीकृत लेकिन प्रतिबंधित श्रेणी का अत्यंत विषैला कीटनाशक है, जिसकी बिक्री और उपयोग सार्वजनिक जोखिम को देखते हुए विशेष कानूनी शर्तों के अधीन है।
उन्होंने बताया कि कीटनाशी नियम 1971 के नियम-19 के अनुसार एल्युमिनियम फॉस्फाइड की पैकिंग पर चमकीले लाल रंग का लेबल लगाना अनिवार्य है, जो इसे “अत्यंत विषैला” दर्शाता है। इस लेबल पर विषैलेपन के लक्षण, आवश्यक चेतावनियां और प्राथमिक उपचार के उपाय स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। रिकॉर्ड के अनुसार इस रसायन का कोई विशिष्ट विषनाशक उपलब्ध नहीं है तथा विषाक्तता की स्थिति में केवल लक्षणात्मक और सहायक उपचार ही संभव है।
इसके साथ ही कीटनाशी नियम 1971 के नियम-41 के अंतर्गत यह भी प्रावधान है कि कीटनाशकों के भंडारण स्थलों पर निर्माताओं एवं वितरकों को पर्याप्त मात्रा में प्राथमिक उपचार की दवाएं और आवश्यक विषनाशक सामग्री उपलब्ध रखनी होगी, जिससे सांस लेने, त्वचा संपर्क या निगलने से उत्पन्न विषाक्तता की स्थिति में तत्काल उपचार किया जा सके।
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जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि एल्युमिनियम फॉस्फाइड का उपयोग लेबल एवं लीफलेट पर दिए गए निर्देशों के अनुरूप नहीं किया गया तो यह मानव जीवन और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि एल्युमिनियम फॉस्फाइड को किसी भी परिस्थिति में आम जनता या अनाधिकृत व्यक्तियों को न बेचा जाए। यह कीटनाशक केवल सरकारी एजेंसियों अथवा अधिकृत कीट नियंत्रण ऑपरेटरों (PCO) द्वारा ही उपयोग किया जाना है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कीटनाशक अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियम 1971 के तहत संबंधित डीलरों और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सभी हितधारकों के मार्गदर्शन हेतु भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रकाशित भारतीय मानक IS:4015-1998 का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
