धानापुर के बुद्धपुर निवासी एवं सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अधिवक्ता धनंजय सिंह का निधन, अधिवक्ताओं में शोक
धनंजय सिंह अपनी बेबाक छवि, जिंदादिली और अधिवक्ताओं के हितों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने चंदौली न्यायालय भवन एवं जिला मुख्यालय निर्माण को लेकर चलाए गए आंदोलनों में सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाई थी। सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री रहते हुए उन्होंने अधिवक्ताओं के हित में कई महत्वपूर्ण आंदोलनों का नेतृत्व किया।
dhanapur, chandauli

3:32 PM, Jun 3, 2026
चंदौली। सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री तथा न्यायालय भवन निर्माण आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल अधिवक्ता धनंजय सिंह का वाराणसी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही अधिवक्ता समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई।
बुधवार को अधिवक्ताओं ने वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट पहुंचकर अपने दिवंगत साथी का अंतिम दर्शन किया तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
धनंजय सिंह अपनी बेबाक छवि, जिंदादिली और अधिवक्ताओं के हितों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने चंदौली न्यायालय भवन एवं जिला मुख्यालय निर्माण को लेकर चलाए गए आंदोलनों में सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाई थी। सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री रहते हुए उन्होंने अधिवक्ताओं के हित में कई महत्वपूर्ण आंदोलनों का नेतृत्व किया।
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इसके अलावा न्यायालय निर्माण की मांग को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए चंदौली से दिल्ली तक आयोजित पैदल यात्रा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हाल के दिनों में स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन से परिजनों के साथ-साथ अधिवक्ता समुदाय में भी गहरा शोक व्याप्त है। अधिवक्ताओं ने उन्हें एक निष्ठावान, भरोसेमंद और संघर्षशील साथी बताते हुए कहा कि उनका निधन अधिवक्ता समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
अधिवक्ता झम्मन सिंह ने श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि धनंजय सिंह न केवल एक कुशल अधिवक्ता थे, बल्कि एक जिंदादिल, निष्ठावान और भरोसेमंद सहयोगी भी थे। उनका जाना अधिवक्ता समाज के लिए ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।
