बढ़ते गंगा जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट, बाढ़ चौकियों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश
चंदौली। भारी बारिश और गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सोमवार को जूम बैठक के माध्यम से अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
चंदौली

7:43 PM, Aug 31, 2026
चंदौली। भारी बारिश और गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सोमवार को जूम बैठक के माध्यम से अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों तथा सिंचाई खंड (बंधी एवं चंद्रप्रभा) के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिया कि बाढ़ और जलभराव की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थलीय निरीक्षण करें। बाढ़ चौकियों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच कर वहां मिलने वाली कमियों को तत्काल दूर कराया जाए। संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
नदियों-नालों की कराई जाए सफाई
डीएम ने नदियों और नालों की विशेष सफाई कराने तथा पानी के बहाव में आने वाले सभी अवरोधों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए, जिससे जलभराव की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
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बाढ़ चौकियों पर लोगों के ठहरने के लिए पर्याप्त व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, बिजली, पंखे, भोजन सामग्री और प्राथमिक उपचार की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।
पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहें नावें
जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन के लिए पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा और सहायता होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी से कार्य करें, ताकि बाढ़ अथवा जलभराव के कारण किसी नागरिक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
