बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, मंडलायुक्त व डीएम ने हरसिंघपुर-मल्लेपुर का किया निरीक्षण
मंडलायुक्त ने कहा कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही ग्रामीणों को सावधानियों के प्रति जागरूक करते हुए अलर्ट जारी किया जाए। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पहले से ही बाढ़ राहत शिविर चिन्हित कर लिए जाएं। शिविरों में शौचालय, भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाएं और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही पशुओं के लिए चारे तथा ऊंचे स्थान पर पशु शिविर की व्
मिर्जापुर

8:23 PM, Aug 8, 2026
हनीफ खान
जनपद न्यूज़ टाइम्सनिचले इलाकों के लोगों को पहले से करें जागरूक, राहत शिविरों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी रखने के निर्देश
मीरजापुर,। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल राजेश प्रकाश और जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शनिवार को कोन विकासखंड के बाढ़ प्रभावित संभावित क्षेत्र हरसिंघपुर और मल्लेपुर गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने कहा कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही ग्रामीणों को सावधानियों के प्रति जागरूक करते हुए अलर्ट जारी किया जाए। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पहले से ही बाढ़ राहत शिविर चिन्हित कर लिए जाएं। शिविरों में शौचालय, भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाएं और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही पशुओं के लिए चारे तथा ऊंचे स्थान पर पशु शिविर की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को घाटों, पुलों और गंगा नदी के किनारे जाने से रोका जाए। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए गोताखोरों और नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को भी अलर्ट रखा जाए।
मंडलायुक्त ने राजस्व टीम को सक्रिय करते हुए लेखपाल, ग्राम प्रधान और ग्रामीणों से जलस्तर, कटान, संभावित खतरे और फसल नुकसान की जानकारी लेने के निर्देश दिए।
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निर्माणाधीन छह लेन पुल का भी लिया जायजा
निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने गंगा नदी पर निर्माणाधीन छह लेन पुल एवं अप्रोच रोड के निर्माण कार्य की प्रगति का भी जायजा लिया। मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्य में तेजी के साथ मानव सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना अनिवार्य है। कार्यस्थल पर मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। रात्रि में काम होने की स्थिति में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और रेडियम पट्टी का प्रयोग किया जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढों को किसी भी दशा में खुला न छोड़ा जाए। उनके चारों ओर बैरिकेडिंग की जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अशोक कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
