लोन के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का 25 हजार का इनामी गिरफ्तार
चंदौली। कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी और बीमा शुल्क के नाम पर रकम वसूलने वाले साइबर ठगी गिरोह के एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने ₹25 हजार के इनामी वांछित आरोपी आशीष गैलवार को लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने और अन्य आरोपियों के संपर्क में रहने
चंदौली

4:44 PM, Sep 16, 2026
चंदौली। कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी और बीमा शुल्क के नाम पर रकम वसूलने वाले साइबर ठगी गिरोह के एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने ₹25 हजार के इनामी वांछित आरोपी आशीष गैलवार को लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने और अन्य आरोपियों के संपर्क में रहने में शामिल था।
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधियों ने ‘सत्कार निधि लिमिटेड’ समेत अन्य फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने का लालच दिया। सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों से लोगों से संपर्क कर लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिया जाता था। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क समेत अलग-अलग चार्ज के नाम पर खातों में रकम जमा कराई जाती थी।
साइबर शिकायतों की जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह से जुड़े बैंक खातों और गतिविधियों के संबंध में विभिन्न राज्यों से 16 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। इसके अलावा गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार करीब 1.42 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से संबंधित धनराशि होल्ड मिली है।
चंदौली में कार्यालय बनाकर चल रहा था नेटवर्क
जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस को जानकारी मिली कि गिरोह का संचालन चंदौली में स्थित एक कार्यालय से किया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगने के बाद आरोपी कार्यालय बंद कर कंप्यूटर, रजिस्टर और अन्य दस्तावेज हटाकर फरार होने की तैयारी में थे।
इस मामले में साइबर क्राइम थाना चंदौली में मु0अ0सं0 14/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66 में मुकदमा दर्ज किया गया।
पहले तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
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पुलिस ने 12 जून को कार्रवाई करते हुए गिरोह के वीरेंद्र कुमार निवासी बर्थरा खुर्द, आशीष पटवा निवासी बबुरी बाजार और सोनी निवासी शाहपुर को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से तीन सीपीयू, तीन मॉनीटर, तीन की-बोर्ड, दो प्रिंटर, 350 पासबुक, 21 रजिस्टर, छह ब्लैंक चेक, फर्जी पहचान पत्र, 11 मोहरें, सिम कार्ड और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे।
मोबाइल लोकेशन से लखनऊ पहुंची पुलिस
मामले में वांछित और ₹25 हजार के इनामी आरोपी आशीष गैलवार पुत्र स्वर्गीय सुखलाल निवासी फर्रुखाबाद की तलाश में पुलिस टीम जुटी थी। पुलिस के अनुसार 15 सितंबर की रात मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी मौजूदगी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र में मिली। साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने रात 9:11 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लावा प्राइम कंपनी का एक की-पैड मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने साइबर फ्रॉड में बैंक खाता उपलब्ध कराने और अन्य आरोपियों के संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
पुलिस टीम: साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार सिंह, कांस्टेबल अंकित गिरि, अनिल कुमार प्रजापति, नौशाद, महिला कांस्टेबल पूजा सिंह और सर्विलांस टीम के कांस्टेबल गणेश तिवारी शामिल रहे।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर लोन अथवा निवेश के नाम पर रकम जमा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
