जर्जर गलगल का पेड़ दे रहा हादसे को दावत
शहाबगंज। विकासखंड परिसर में वर्षों पुराना विशाल गलगल का पेड़ इन दिनों हादसे को दावत दे रहा है। पेड़ काफी जर्जर हालत में है और उसकी कई बड़ी डालियां मोटी-मोटी हों चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज आंधी आने पर पेड़ कभी भी धराशायी हो सकता है। इसके गिरने से आसपास स्थित घरों और लोगों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
शहाबगंज, चंदौली

5:27 PM, Sep 24, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सग्रामीणों ने कटवाने की मांग की
शहाबगंज। विकासखंड परिसर में वर्षों पुराना विशाल गलगल का पेड़ इन दिनों हादसे को दावत दे रहा है। पेड़ काफी जर्जर हालत में है और उसकी कई बड़ी डालियां मोटी-मोटी हों चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज आंधी आने पर पेड़ कभी भी धराशायी हो सकता है। इसके गिरने से आसपास स्थित घरों और लोगों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक विकासखंड परिसर में एक अन्य पुराना गलगल का पेड़ भी जर्जर हालत में था। 15 सितंबर को तेज हवा और बारिश के दौरान वह पेड़ उखड़कर विकासखंड परिसर स्थित प्रमुख कार्यालय के भवन पर जा गिरा था। इससे भवन को काफी नुकसान हुआ था। संयोग से घटना के समय भवन में मौजूद कर्मचारियों को किसी तरह की चोट नहीं आई थी।
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अब परिसर में मौजूद दूसरा विशाल गलगल का पेड़ भी काफी कमजोर हो चुका है। इसके आसपास लोगों के घर स्थित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तेज आंधी के दौरान यह पेड़ गिरा तो आसपास के मकानों को भारी क्षति हो सकती है और जान-माल का नुकसान भी हो सकता है। पेड़ की जर्जर स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों में भी भय बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि पेड़ को हटवाने की कटाई कराने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि 15 सितंबर की घटना के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अप्रिय घटना से पहले जर्जर गलगल के पेड़ का निरीक्षण कराकर उसे सुरक्षित तरीके से कटवाया जाए। ताकि आसपास रहने वाले लोगों और सरकारी भवनों को संभावित खतरे से बचाया जा सके।
