551 निरक्षरों ने दी मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा
शहाबगंज। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों के लिए प्रथम मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए शहाबगंज विकासखंड के 56 परिषदीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया। इन केंद्रों पर कुल 551 निरक्षरों ने साक्षरता की ओर कदम बढ़ाते हुए परीक्षा में प्रतिभाग किया।
shahabganj, chandauli

5:05 PM, Sep 20, 2026
Vinod kumar
जनपद न्यूज़ टाइम्सशहाबगंज। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों के लिए प्रथम मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए शहाबगंज विकासखंड के 56 परिषदीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया। इन केंद्रों पर कुल 551 निरक्षरों ने साक्षरता की ओर कदम बढ़ाते हुए परीक्षा में प्रतिभाग किया।
परीक्षा को लेकर सुबह से ही केंद्रों पर परीक्षार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। लंबे समय से पढ़ाई-लिखाई से वंचित रहे 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों ने उत्साह के साथ परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा के माध्यम से उनके पढ़ने, लिखने और सामान्य संख्यात्मक ज्ञान से संबंधित बुनियादी दक्षताओं का मूल्यांकन किया गया।
खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षर लोगों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता का ज्ञान प्रदान कर उन्हें साक्षर बनाना है। इसी क्रम में रविवार को प्रथम मूल्यांकन परीक्षा कराई गई। परीक्षा को लेकर सभी विद्यालयों के अध्यापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए थे।
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उन्होंने बताया कि परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित की गई। सभी केंद्रों पर परीक्षा को सुचारू और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
शिक्षक केशरीनंदन जायसवाल के अनुसार मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम के आधार पर निरक्षरों की साक्षरता संबंधी प्रगति का आकलन किया जाएगा। कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे लोगों को पढ़ने-लिखने और दैनिक जीवन में आवश्यक संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
