16 साल के राधे कृष्ण रस्तोगी ने हेल्थकेयर स्टार्टअप की शुरुआत
इसी सोच के साथ राधे कृष्ण ने ApkaBachav by (Lifenerula) नाम का एक हेल्थटेक MVP (न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद / तकनीकी मॉडल) तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच सूचना के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने में मदद करना है। इसके लिए अलग-अलग डैशबोर्ड विकसित किए गए हैं ताकि दोनों पक्ष अपनी भूमिका के अनुसार सिस्टम का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें।
कमालपुर, चंदौली

6:39 PM, Jul 19, 2026
नीरज अग्रहरि
जनपद न्यूज़ टाइम्सकमालपुर कस्बा के छात्र ने बनाया अस्पताल-एम्बुलेंस नेटवर्क का MVP
कमालपुर।जब अधिकतर छात्र सिर्फ पढ़ाई या कैरियर की तैयारी में लगे होते हैं, तब चंदौली के कमालपुर कस्बा के प्रमोद रस्तोगी का 16 वर्षीय पुत्र राधे कृष्ण रस्तोगी ने एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐसी समस्या पर काम शुरू किया, जो हर परिवार को कभी न कभी प्रभावित कर सकती है—इमरजेंसी के समय अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच तेज़ समन्वय (Coordination)।
ApkaBachav by (Lifenerula) की शुरुआत
इसी सोच के साथ राधे कृष्ण ने ApkaBachav by (Lifenerula) नाम का एक हेल्थटेक MVP (न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद / तकनीकी मॉडल) तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच सूचना के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने में मदद करना है। इसके लिए अलग-अलग डैशबोर्ड विकसित किए गए हैं ताकि दोनों पक्ष अपनी भूमिका के अनुसार सिस्टम का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें।
राधे कृष्ण रस्तोगी ने बताया कि
Advertisement
मुझे इस प्रोजेक्ट का विचार अपने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और लोगों को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाने के संघर्ष को देखकर आया। मेरा लक्ष्य एक ऐसा आसान समाधान बनाना है, जिससे देश के दूर-दराज के इलाकों में भी कोई मरीज समय पर इलाज से वंचित न रहे।"
पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी
वर्तमान में यह प्रोजेक्ट अपने शुरुआती तकनीकी चरण (MVP) में है। राधे कृष्ण का अगला कदम स्थानीय अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं के साथ मिलकर इसका एक पायलट प्रोजेक्ट (ट्रायल रन) शुरू करना है। इस ट्रायल से मिलने वाले फीडबैक और सुझावों के आधार पर सिस्टम को भविष्य में और भी बेहतर तथा सुलभ बनाया जाएगा।
